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नई कृषि नीति 2020

   नमस्कार दोस्तों आप पढ़ रहे हे " my agriculture " blogs           Information source -  google  and  wikipedia    आज बात करेंगे नई किसान नीति कि क्या है खास आइये जानते है -  कृषि सुधार विधेयकों के मुद्दे पर विरोध झेल रही सरकार ने रबी की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने का फैसला किया है। एमएसपी जिन फसलों पर बढ़ाया गया है, उनमें गेहूं की फसल भी शामिल है। बता दें कि पंजाब और हरियाणा में गेहूं काफी मात्रा में उगाया जाता है। अब जब कृषि सुधार विधेयक का विरोध भी सबसे ज्यादा इन्हीं दो राज्यों में हो रहा है तो गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर सरकार किसानों की नाराजगी को दूर करने का प्रयास कर रही है। सरकार ने गेहूं पर एमएसपी 50 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बढ़ाया है। जिसके बाद इस सीजन में गेहूं की प्रति क्विंटल कीमत 1975 रुपए होगी। इसी तरह सरकार ने सरसों पर 225 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बढ़ोत्तरी की है। जिसके बाद सरसों का एमएसपी 4650 रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगा। चना और दालों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी वृद...

Organic compost - beneficial and easy method

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 नमस्कार दोस्तों आप पढ़ रहे हे " my agriculture " blogs           Information source - google and wikipedia    आज हम चर्चा करेंगे जैविक खाद के बारे में जो की फायदेमंद तो हे ही साथ ही में बहुत सस्ता भी हैं , इसके लिए ज्यादा कोई खर्च करने की जरूरत नही है न किसी महँगी सामग्री की जरूरत पड़ेगी । ये खाद आप घर पर आसानी से बना सकते है  । जैविक खाद ( organic compost ) बनाने   के लिए 10 किलो गोबर,10 लीटर गोमूत्र, एक किलो गुड, एक किलो चोकर एक किलो मिट्टी का मिश्रण तैयार करना चाहिए। इन पांच तत्वों को आपस में मिलाने के लिए हाथ से या किसी लकड़ी के डंडे की मदद लें। मिश्रण बन जाने के बाद इसमें एक से दो लिटर पानी डाल दें। अब इसे 20 दिनों तक ढक कर रख दिजिए। जैविक खाद ( organic compost ) के फायदे  मीथेन को कम करता है। यह एक ग्रीनहाउस गैस है जो लैंडफिल से आती है। रासायनिक उर्वरकों ( chemical fertilizers ) की आवश्यकता को कम या समाप्त करता है। किसानों के लिए उच्च फसल की उपज को बढ़ावा देता है। खराब गुणवत्ता वाली मिट्टी में सुधार करके जंगलों, वेटलैं...

Farmer condition in india

  नमस्कार दोस्तों ,  आप पढ़ रहे हे "my agriculture" blogs  ज्यादातर किसानों की हालत भयानक है। भारत में लगभग 80% किसान सीमांत (1 हेक्टेयर से कम) या छोटे किसान (1–2 हेक्टेयर) श्रेणी के हैं। कृषि लगभग 60% रोजगार का समर्थन करती है लेकिन सकल घरेलू उत्पाद में केवल 17% का योगदान करती है। हर दिन, देश के विभिन्न हिस्सों से भारतीय किसानों की आत्महत्या की खबरें आती हैं क्यों होता है ये सब कभी किसी ने सोचा है ? या कभी जानने की कोशिश करी हे । एक आखो देखा हाल सुनाना चाहुगा आप सबको " एक दिन किसी काम से में स्थानीय bank गया था वहाँ अच्छी खासी लंबी लाइन लगी हुई थी तो में भी अपनी लाइन में जाकर खड़ा हो गया तब वह एक बुजुर्ग आये उन्हें पैसे निकलवाने थे तो वो उस कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतेजार करने लगे , करीब 40 min बाद उनका नंबर आया वहा बैठे cashier ने उनसे पूछा बाबा क्या चाहिए तो वो बोले " पैसे" कहा कितने ? जवाब दिया 2000 । तो उसने मना कर दिया की ई-मित्र से लेलो उन बुजुर्ग ने बहोत कहा लेकिन साहब नही माने आखिर में निराश होकर लोट गये वो ! और मेरी तरह वहा मौजूद हर कोई इस वाकये ...